कनाडा में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर प्रतिबंध की मांग

 मानवाधिकार संगठनों के इस बड़े कदम से गर्माया कूटनीतिक माहौल
मानवाधिकार संगठनों के इस बड़े कदम से गर्माया कूटनीतिक माहौल

मानवाधिकार संगठनों और कूटनीतिक गलियारों से एक बेहद संवेदनशील और बड़ी खबर सामने आ रही है। कनाडा के प्रमुख मानवाधिकार संगठनों—Justice For All Canada और 'कैनेडियन फोरम फॉर ह्यूमन Rights एंड डेमोक्रेसी इन इंडिया' (CFHRDI)—ने मिलकर ग्लोबल अफेयर्स कनाडा (Global Affairs Canada) के प्रतिबंध ब्यूरो (Sanctions Bureau) को एक आधिकारिक संयुक्त सिविल सोसाइटी आवेदन सौंपा है। इस नए घटनाक्रम ने भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।

आवेदन में क्या लगाए गए हैं गंभीर आरोप?

इन मानवाधिकार संगठनों द्वारा दायर किए गए इस कड़े आवेदन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कुल आठ वरिष्ठ राजनीतिक और पुलिस अधिकारियों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने इन तमाम अधिकारियों पर राज्य-समर्थित मानवाधिकार उल्लंघनों, धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन, पुलिस हिरासत में हिंसा (Torture), एक्स्ट्राज्‍यूडिशियल किलिंग्स (एनकाउंटर) और प्रशासनिक स्तर पर बुलडोजर कार्रवाई जैसी ज्यादतियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। 

कनाडा सरकार से की गई है ये कड़ी मांग

आवेदन में कनाडा की संघीय सरकार से यह पुरजोर अपील की गई है कि वह अपने मौजूदा प्रतिबंध ढांचे—विशेष रूप से 'जस्टिस फॉर विक्टिम्स ऑफ करप्ट फॉरेन ऑफिशियल्स एक्ट' और 'स्पेशल इकोनॉमिक मेजर्स एक्ट'—के तहत इन सभी आठों भारतीय अधिकारियों और हस्तियों के खिलाफ तुरंत लक्षित प्रतिबंध (Targeted Sanctions) लागू करे। इसके साथ ही, कनाडाई सीमाओं पर इनके प्रवेश पर पूरी तरह से रोक (Entry Ban) लगाने और इनकी संपत्तियों व वित्तीय लेन-देन की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है। 

इस घटनाक्रम के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के मुद्दों को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है।

Previous Post
No Comment
Add Comment
comment url